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लद्दाख में बड़ा हादसा: भूस्खलन की चपेट में आए सेना के तीन वाहन, 6 सैनिकों की मौत

सातवां पहर (एजेंसी)
लेह-लद्दाख में भूस्खलन की चपेट में सेना के तीन वाहन आने से 6 सैनिकों की मौत हो गई है। हादसा शुक्रवार सुबह उस समय हुआ जब सेना की तीनों गाड़ियां लद्दाख से आगे जा रही थीं। अचानक रास्ते में भारी भूस्खलन हो गया। इसमें 6 जवानों की मौत हो गई। सेना ने इसकी पुष्टि की है। मामले की जांच जारी है। भारतीय सेना के काफिले के 03 वाहन सुबह लद्दाख से दूसरे ग्लेशियर जाते समय भारी भूस्खलन की चपेट में आ गए, जिसमें 6 जवानों की मौत हो गई।

इससे पहले अगस्त में उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भैरव घाटी और नेलांग के बीच भूस्खलन की चपेट में आने से एक जवान की मौत हो गई थी। इसी पेट्रोलिंग टीम में शामिल एक डॉक्टर घायल हो गया था। इनके अलावा कुछ अन्य जवानों को रेस्क्यू किया गया था।

चिकित्सा अधिकारी बने मनीष, सूची में पत्नी का नाम भी शामिल, आदेश जारी..

*सातवां पहर/मुंगेली*
छत्तीसगढ़

मुंगेली/ राज्य शासन द्वारा 390 डॉक्टरों की पोस्टिंग की गयी है यह आदेश 27 जुलाई को जारी किया गया है, इसी आदेश में मुंगेली नगर के प्रतिष्ठित वकील जीवन बंजारा के पुत्र मनीष एवं पुत्रवधु संध्या बंजारा का नाम भी शामिल है, इसके पहले भी डॉक्टर मनीष बंजारा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुंगेली में अपनी सेवा दे चुके है, नए आदेश में उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर का प्रभार दिया गया है, चूंकि मनीष चिकित्सा के क्षेत्र में काफी अनुभव अर्जित कर चुके है ऐसे में पदमपुर के ग्रामीण इनके अनुभव का लाभ पा सकेंगे। इनकी धर्मपत्नी की पोस्टिंग जिला अस्पताल मुंगेली में हुई है।


*उम्र में कम, तजुर्बे में ज्यादा*
यूक्रेन से एम बी बी एस की डिग्री हासिल करने वाले मनीष महज 31 वर्ष की उम्र में ही कई बड़े अस्पतालों में पोस्टेड रहे है वहां ड्यूटी के दौरान विशेषग्यो का उन्हें मार्गदर्शन भी खूब मिला, यही कारण है कि वे अपने काम मे निपुण है।

*वर्तमान में अपोलो अस्पताल में दे रहे सेवा*
डॉ. मनीष बंजारा वर्तमान में अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में बतौर चिकित्सक पोस्टेड हैं,जो किसी भी डॉक्टर के लिए बड़ी बात है, ऐसे में मनीष के लिए यह चुनना कि उन्हें कहाँ सेवा देनी है ये भी किसी चुनौती से कम नही, बहरहाल ये तो उनके विवेक पर निर्भर करता है कि वे क्या चुनेंगे।

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बिना एस पी के संज्ञान में लाए, पत्रकारों पर थाना प्रभारी नही कर सकेंगे अपराधिक प्रकरण दर्ज..

मुंगेली/सातवां पहर

पत्रकारों पर अब कोई भी अपराधिक प्रकरण पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में लाने के उपरांत ही दर्ज किये जाएंगे, ऐसा ही एक निर्देश आज शाम एसपी चंद्रमोहन सिंह ने मुंगेली जिले के समस्त थाना प्रभारियों को जारी किया है। पूरा पढ़ें…

खेढा के पांडेय परिवार के घर खिला ब्रम्हकमल, धार्मिक मान्यताओं का हिस्सा है ब्रम्हकमल..

सातवां पहर/मुंगेली
ऐसी मान्यता है कि ब्रम्हकमल जिनके घर भी खिलता है वो बड़े ही भाग्यशाली होते हैं वही नगर से लगे ग्राम खेढा में गत दिवस की रात्रि स्वर्गीय श्री रामनाथ पांडेय के निवास में ब्रम्हकमल खिलने की सूचना मिली, देखते ही देखते ग्राम व मुंगेली नगर के लोग भारी उत्सुकता के साथ दर्शन लाभ लेने पहुचने लगे, वही पांडेय परिवार ने इसे अपना सौभाग्य बताया है।

समाजसेवी रोहित शुक्ला भी पहुचे दर्शन लाभ लेने
पेशे से समाजसेवी रोहित शुक्ला भी खबर मिलते ही दर्शन लाभ लेने खेढा पहुँच गए, उनकी माने तो ब्रम्हकमल जिनके घर खिलता है वे भाग्यशाली होते है इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि इस फूल को न ही बेचा जाता है और न ही खरीदा, उपहार स्वरूप आदान-प्रदान करने की मान्यता पर आधारित होना बताया ।
और भी नामो से जाना जाता है यह पुष्प
जानकारों की माने तो उत्तरांचल में इसे ब्रम्हकमल,हिमांचल में दूधाकमल ,काश्मीर में गलगल और उत्तर – पश्चिमी भारत मे बर्गन डयगेस नाम से जाना जाता है।मान्यता है कि भगवान विष्णु की नाभि से निकला हुआ कमल ब्रम्हकमल कहलाता है,जिस पर ब्रम्हा जी विराजते हैं। ब्रम्हकमल माँ नंदा का प्रिय पुष्प है इसलिए इसे नंदाष्टमी के समय भी उपयोग किया जाता है।
स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है ब्रम्हकमल
ब्रम्हकमल के अनेक महत्व हैं जिसमे प्रमुख रूप से इसे एक ओषधीय फूल माना गया है जिसे सुखाकर कैंसर जैसे गंभीर रोग की दवा बनाई जाती है, इससे निकलने वाले पानी को पीने से इम्यूनिटी पावर बढ़ता है, पुरानी खाँसी ठीक हो जाता है, यह फूल जिसके घर खिलता है, भाग्यशाली माना जाता है।

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